टीटी (TTE) कैसे बनें ? ( TT kaise bane ?)

 टीटी (TTE) कैसे बनें ( TT kaise bane )



आप लोगों में से अधिकतर लोगों ने कभी ना कभी रेलवे का सफर अवश्य किया होगा । एक स्थान से दूसरे स्थान तक ट्रेन से जरूर गए होंगे तो आपकी मुलाकात टीटी से जरूर हुई होगी जो ब्लैक कोट पहने होते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी भर्ती रेलवे में कैसे होती है । यदि नहीं तो आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे कि रेलवे में टीटी कैसे बनें? TTE का फुल फॉर्म क्या है? टीटी बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? टीटी (TTE) कैसे बनें ? ( TT kaise bane ?) टीटी (TTE ) का वेतन कितना होता है ? टीटी(TTE) का कार्य क्या होता है? TTE और TC में क्या अंतर है? यानी रेलवे में टिकट कलेक्टर कैसे बने। TT या TC कैसे बने ? ( TT/TC kaise bane ?) इससे जुड़ी आपको सारी जानकारी इस पोस्ट के भीतर मिलेंगी। तो आप लोग इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें । 



टीटी का फुल फॉर्म क्या है :


TTE का फुल फॉर्म Travelling ticket examiner होता है। जिसे हिंदी में यात्रा टिकट परीक्षक कहते हैं रेलवे में टीटी का प्रमुख कार्य यात्रियों के पास टिकट की जांच और टिकट न होने पर आवश्यक दंड निर्धारित करना है। इसके अलावा यात्रियों को भोजन के लिए रेलवे विभाग में सूचना प्रदान करना है। इसके अलावा एक TC भी होता है। जिसका पूरा नाम ticket collector होता है। TC/TT कैसे बनें। ये बाते आगे आपको बताई जायेगी। TC/TT बनने की प्रक्रिया एक ही है। 


टीटी (TTE) बनने के लिए योग्यताएं

रेलवे में टीटी (TTE) बनने के लिए आवेदक के पास निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए


  • आवेदक 12 वीं पास होना चाहिए
  • आवेदक का 12वीं में 50% अंक होने चाहिए
  • आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 30 वर्ष होता है। 
  • आवेदक के पास यदि डिप्लोमा या स्नातक की डिग्री हो तो भी TTE बनने के योग्य है।



टीटी (TTE) कैसे बने ? (TT kaise bane ?) 

रेलवे में टीटी( TTE) कैसे बने। रेलवे में टीटी (TTE) बनने के लिए हर वर्ष रेलवे विभाग के द्वारा TTE पद के लिए वैकेंसी निकाली जाती हैं जिसके लिए लाखों अभ्यर्थी आवेदन करते हैं । TTE बनने के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 12वीं पास किया हो या डिप्लोमा तथा स्नातक में से कोई एक डिग्री रखते हैं। RRB के द्वारा प्रत्येक वर्ष अलग-अलग राज्यों में वैकेंसी आती है । जब निकाली गई वैकेंसी में आवेदन संपन्न हो जाता है तो RRB द्वारा टीटी (TTE) बनने के लिए लिखित परीक्षा कराई जाती है यह परीक्षा पहले ऑफलाइन हुआ करते थे लेकिन आज के समय में या परीक्षा ऑनलाइन होती है इस परीक्षा में 120 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह 120 प्रश्न निम्नलिखित विषय से पूछे जाते हैं।

  • सामान्य ज्ञान
  • प्रारंभिक गणित
  • सामान्य अंग्रेजी
  • सामान्य योग्यता परीक्षण


उपरोक्त चारों विषय से TTE की परीक्षा में प्रश्न आते हैं। जिसके लिए आपको तैयारी करना होता है यदि आप अच्छे से तैयारी किए रहेंगे तो आप इस परीक्षा को आसानी से पास कर सकते हैं वैसे या पेपर इतना आसान भी नहीं है लेकिन यदि आप करना चाहे तो यह उतना मुश्किल ही नहीं वापिस लिखित परीक्षा को पास कर लेते हैं तो RRB बोर्ड के द्वारा इंटरव्यू कराया जाता है। यह इंटरव्यू लिखित परीक्षा के कुछ हफ्ते बाद होता है । 


        इंटरव्यू में कुछ मौलिक प्रश्न पूछे जाते हैं। इंटरव्यू में प्रजेंट ऑफ माइंड , पर्सनालिटी डेवलपमेंट , जनरल नॉलेज करंट अफेयर आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि आप इंटरव्यू को अच्छे से देते हैं तो आप इंटरव्यू के पास कर लेते हैं जिसके बाद रेलवे विभाग द्वारा निर्धारित किया जाता है कि आप की पोस्टिंग एक टीटी के पद पर कहां पर की जाएगी। और इस प्रकार से आप टीटी ( TTE ) बन जाते हैं। 


टीटी का वेतन कितना होता है ?


 जब कोई व्यक्ति अपनी जॉब ढूंढता है तो सब कुछ देखने के बाद बस सैलरी जरूर देखता है । उसके मन में यह सवाल आता ही है इस जॉब में मुझे सैलरी कितनी मिलेगी। जैसा कि एक टीटी का जॉब सरकारी जॉब होता है। और यदि आप TTE बनना चाहते हैं तो आपका मन यह जानने को तो अवश्य कर रहा होगा TTE का वेतन कितना होता है। एक टीटी का वेतन की शुरुआत ₹25000 से शुरू होती है। जो आगे बढ़कर 30 हजार के ऊपर हो जाती है। इसके अलावा TA, DA , HRA आदि भी प्रदान किए जाते है । 



टीटी ( TTE) का कार्य : 

जब आप अपने भविष्य में यह सोचते हैं कि हम आगे चलकर टीटी बनेंगे । तो आपका मन मैं यह प्रश्न होगा कि TTE के पास कौन कौन से अधिकार व कार्य होते हैं जो उसके अंतर्गत आते हैं। टीटी के अंतर्गत आने वाले कार्य निम्नलिखित है–

  • यात्रियों का टिकट की जांच करना
  • बिना टिकट के सफर कर रहे यात्रियों पर जुर्माना लेना
  • यात्रियों को सहित सीट न मिलने पर टीटी द्वारा यात्रियों को सही सीट दिलाया जाता है। 
  • AC कोच में यात्रियों के भोजन का प्रबंध विधि द्वारा कराया जाता है। यानी भोजन संबंधी सूचना टीटी द्वारा रेलवे विभाग में भेजा जाता है। 
  • यात्रियों को होने वाली असुविधा हेतु समय पर RPF /GRP आपकी सहायता टीटी द्वारा पहुंचती है
  • इसके अलावा कभी कभी टीटी का कार्य ट्रेन में न होकर ऑफिशियल स्टेशन पर होता है। 


 TT और TC में अंतर :

कभी-कभी अधिकतर लोग को यह भ्रम हो जाता है कि टीटी और टीसी दोनों एक ही चीज है या अलग अलग है। तो हमारा काम यह है कि आपको सही चीजें बताना ताकि आप टीटी (TT) तथा टीसी ( TC) में अंतर समझ सके। वैसे तो एक टीटी तथा टीसी TC में कुछ खास अंतर नहीं होता है। TTE का पूरा नाम ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर तथा टीसी का पूरा नाम टिकट कलेक्टर होता है। टीटी का कार्य यात्रियों का टिकट जांच करके सही कोच व सीट पर बैठाना तथा टिकट मान्य है या नहीं इसकी जांच करना है। जबकि एक टीसी का कार्य टिकट कलेक्ट करना तथा बिना टिकट के यात्रा कर रहे यात्रियों पर उचित दंड लगाना है। और आपातकालीन टिकट काटना है। 



इस तरह से आज का हमारा यह पोस्ट " टीटी कैसे बनें " ( TT kaise bane?) संपन्न होता है। उम्मीद करता हूं कि आपको टीटी बनने से जुड़ी सभी जानकारी मिल चुकी होगी। लेकिन यदि अभी भी आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। जिसके बाद हम आपके कॉमेंट को पढ़कर जवाब देंगे। हमे बहुत खुशी होगी आपकी सहायता करके। तो मिलते है ऐसे ही एक और पोस्ट में तब तक के लिए धन्यवाद ।


जय हिंद वंदे मातरम्



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ