वकील ( Lawyer ) कैसे बनें ( Advocate kaise bane ? )

 

अपने जीवन में हर व्यक्ति का कोई ना कोई सपना होता है कि वह आगे चलकर एक बड़ा आदमी बने। लोगों के सपनों में डॉक्टर, इंजीनियर, पायलट , पुलिस तथा वकील बनने का होता है। यदि आप उनमें से जो वकील बनना चाहते हैं और आपको बहस करने में रुचि है तो यह पोस्ट आपके लिए बेस्ट है क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको वकील बनने के संबंध में सारी जानकारियां देने वाले हैं इस पोस्ट में हम जानेंगे कि वकील ( Lawyer ) कैसे बने ? Advocate kaise bane ? वकील बनने के लिए क्या योग्यताएं होनी चाहिए? वकील बनने की प्रक्रिया क्या है ? वकील बनने के लिए फीस कितनी है? वकील कितने प्रकार के होते हैं? सरकारी वकील कैसे बने? हाई कोर्ट में वकील कैसे बनते हैं ? सुप्रीम कोर्ट में वकील कैसे बनते हैं? तथा विभिन्न प्रकार की सैलरी कितना होता है?




वकील (Lawyer )कैसे बने : 


अक्सर बच्चों को यह निर्णय लेने में अधिक समय लेते हैं कि वकील ( Lawyer ) बनना उनके लिए उचित है या अनुचित। तो हम आपको कुछ ऐसे बातें बताने जा रहे हैं जिससे जानने के बाद आप निर्णय कर पाएंगे क्या हमें वकील बनना चाहिए । यदि आपके अंदर बहस करने , लोगों को समझाने का गुण है । तो आप एक अच्छे वकील बनने के योग्य है। आज के पोस्ट में वकील कैसे बनें? Advocate कैसे बनें ? Lawyer कैसे बनें? ( Lawyer kaise bane ? Advocate kaise bane ? आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे।


भारत में प्रमुख तीन स्तर के वकील होते हैं जो अलग-अलग कोर्ट में बैठते हैं जिनके नाम प्रमुख हैं–


  • सुप्रीम कोर्ट के वकील
  • हाई कोर्ट के वकील
  • डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकील 


उपरोक्त वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के वकील सुप्रीम कोर्ट में बैठते हैं तथा हाईकोर्ट के वकील हाईकोर्ट के मामलों की सुनवाई करते हैं तथा डिस्ट्रिक्ट स्तर पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकील मामलों की सुनवाई करते हैं। इसके अलावा मुकदमा और केस के आधार पर भी वकील के प्रकार होते हैं जैसे क्रिमिनल लॉयर, एस्टेट लॉयर ( Estate lawyer), सिविल राइट्स लॉयर ( civil rights Lawyer ) और प्रॉपर्टी लॉयर आदि।


वकील बनने के लिए योग्यताएं : 

किसी भी आवेदक को वकील बनने के लिए निम्नलिखित योगताएं होना अनिवार्य है–


  • आवेदक 12 वीं पास होना चाहिए
  • आवेदक का 12 में कम से कम 50% प्राप्तांक होना चाहिए
  • आवेदक के लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है


वकील(Lawyer) कैसे बने :  पूरी प्रक्रिया


वकालत के क्षेत्र में वकील( Lawyer ) कैसे बने वकील बनने के लिए आवेदक को दी गई योग्यता अनिवार्य आवेदक 12वीं पास तथा 12वीं में कम से कम 50 % प्राप्तांक होना चाहिए।

      वकील ( Lawyer )बनने के लिए आवेदक को कानून के क्षेत्र में एलएलबी LLB की डिग्री लेनी होती है। यह 3 वर्ष का कोर्स होता है। इसके अलावा कानून की डिग्री विभिन्न विभिन्न प्रकार की होती है।


  1. LLB
  2. BA LLB 
  3. B.Sc LLB
  4. B.com LLB
  5. BBA LLB
  6. BTech LLB 

उपरोक्त में दी गई कुछ कानून के क्षेत्र में डिग्री थी जिसे प्राप्त करके आप वकील बन सकते हैं। उपरोक्त सभी डिग्रियां 5 वर्ष की होती है लेकिन यदि आप केवल एलएलबी करना चाहते हैं तो 3 साल की होती है एलएलबी करने के लिए आपके पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। 


   इन डिग्री को लेने के लिए छात्र को किसी लॉ कालेज में प्रवेश लेना होता है भारत में दो प्रकार के होते हैं पहला सरकारी और दूसरा प्राइवेट। चाहे कॉलेज सरकारी हो या प्राइवेट आप दोनों से ही लॉ की डिग्री प्राप्त कर वकील बन सकते हैं। अधिकतर सरकारी कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए आवेदक को प्रवेश परीक्षा से गुजरना होता है भारत में कानून की पढ़ाई करने के लिए कराए जाने वाले कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं निम्न प्रकार है –


  • CLAT - Comman law admission test
  • AILET - All india law entrance test 
  • LSAT - Law school admission test


यह भारत की प्रमुख लॉ कॉलेज में एडमिशन के लिए कराए जाने वाला प्रवेश परीक्षा है । इस परीक्षा को पास करने के बाद ही देश के प्रमुख ला कालेज में एडमिशन प्राप्त होता है। इस तरह से आप लॉ की डिग्री किसी भी लॉ कॉलेज से प्राप्त कर एक वकील बन जाते हैं। 


आपका सफर यहीं तक नहीं खत्म होता बाद में आपको इंटरशिप के लिए कोर्ट में दाखिला लेना होता है जहां पर आप शुरुआती चीजों के बारे में सीखते हैं जैसे केस/मुकदमों कैसे देखते हैं सुनवाई कैसे करते हैं। आदि सभी चीजें आप सीखते हैं। 



लॉ की पढ़ाई करने के लिए फीस : 


चाहे आप एक बड़े घर के हो या मध्यवर्गीय परिवार के हो। लॉ पढ़ाई करने के लिए फीस कितना लगता है यह जानने के लिए आप उत्सुक रहते हैं। वकील बनने के लिए लगभग सभी कोर्सो की फीस 1.5 लाख से 7 लाख के बीच में होती है। यदि आप ला से संबंधित कोई भी दी गई लेते हैं तो उपरोक्त फीस के मध्य लगता है। जो कि एक अनुमानित लागत है यह ला कालेज पर भी निर्भर करता है। 


सरकारी वकील कैसे बनें ? 



सरकारी वकील बनने के लिए जब कोई वकील जिसके पास वकालत का कोई भी अनुभव ना हो हाल ही में अपना वकालत की पढ़ाई पूरी किया उसको सरकारी वकील बनने के लिए किसी जिला कोर्ट या सेशन कोर्ट में प्रैक्टिस करने की आवश्यकता होती है। सरकारी नौकरी पाने के लिए कम से कम 45 वर्ष की उम्र होनी चाहिए। इसके अलावा 20 वर्ष का वकालत का अनुभव होना चाहिए। तब जाकर सरकार द्वारा बार काउंसलिंग के द्वारा सरकारी वकील चुने जाते है । जो सरकारी कार्यों को करते है । और उनकी सैलरी सरकार देती है । इस तरह से आप सरकारी वकील बनते है । सरकारी वकील सीनियर ऐडवोकेट कहते है । उपरोक्त बताई गई प्रक्रिया सीनियर ऐडवोकेट बनने के लिए है।  



सुप्रीम कोर्ट के वकील कैसे बने ?


जैसा कि हम जानते हैं कि भारत में कई प्रकार के न्यायालय होते हैं। तो भारत के सबसे प्रमुख न्यायालय सुप्रीम कोर्ट या सर्वोच्च न्यायालय वकील बनने के लिए आवेदक का हाई कोर्ट में वकील के रूप में 4 वर्ष का अनुभव होना चाहिए तथा 1 वर्ष की ट्रेनिंग सीनियर एडवोकेट के अंतर्गत होना अनिवार्य है। इस योग्यता के साथ आपको AOR का एग्जाम देना होता है। AOR का पूरा नाम एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड ( advocate on record ) होता है। इस एग्जाम को पास करने के बाद आप सुप्रीम कोर्ट के वकील बनते है। 



हाई कोर्ट के वकील कैसे बने ? 


हाई कोर्ट में वकील ( Lawyer )बनने के लिए आवेदक को जिला कोर्ट में कम से कम 5 वर्ष का वकालत का अनुभव होना चाहिए तब जाकर वह हाई कोर्ट के वकील बनने की योग्यता रखते हैं यही नहीं इसके बाद आवेदक को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा कराए जाने वाले एग्जाम को देना होता है जिसको पास करने वाले वकील ही हाई कोर्ट में वकालत कर सकते है। और इस तरह से वे हाई कोर्ट के वकील बन जाते है। 


 

वकील ( lawyer ) की सैलरी : 

अंत में बात करें कि वकील या एडवोकेट की सैलरी कितनी होती है जैसा कि हम जानते हैं वकील कई प्रकार के होते हैं सरकारी वकील, प्राइवेट वकील आदि । इनमें से सरकारी वकील की फीस निर्धारित की जाती है जबकि प्राइवेट वकील अपने क्लाइंट से फीस लेता है। यह फीस वकील के कार्य करने के गुण , अनुभव के आधार पर होता है। जिस वकील ने ज्यादा मुकदमे जीतने है। उनकी मांग अधिक होता है। यानी वकील की पहचान जितनी अधिक होगी उसी अनुसार वह अपना फीस लोगों से वसूल करता है। 


   आइए जानते हैं कि सरकारी वकील तथा प्राइवेट वकील की फीस कितना हो सकती है। सरकारी वकील की एवरेज फीस लगभग 3 लाख से शुरु होता है । जबकि एक प्राइवेट वकील की सैलरी उसके कार्य करने पर निर्भर करता है जो कि हमने ऊपर बताया है। इसके अलावा एक सुप्रीम कोर्ट के वकील की सैलेरी , हाई कोर्ट वकील से अधिक होता है। 



वकील ( Lawyer ) और एडवोकेट (advocate) में अंतर : 


यह दोनों शब्द वकील तथा एडवोकेट आप लोगों ने बहुत बार सुना होगा । लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों शब्दों में क्या अंतर है व्यवहारिक से देखा जाए तो वकील तथा एडवोकेट में कोई विशेष अंतर नहीं है लेकिन गहराई से पढ़ने के बाद यह पता चला कि 


वकील ( Lawyer ) किसे कहते है :

     वकील वह व्यक्ति विशेष होता है जो कानून की पढ़ाई कर चुका है तथा कानून की जानकारी रखता है यानी वह वकालत के क्षेत्र में एलएलबी कर चुका है उसे वकील कहते हैं। 


एडवोकेट (Advocate) किसे कहते है : 

एडवोकेट वह व्यक्ति होता है जो कानून के बारे में ज्ञान तो लगता ही है तथा उसके पास कानून की डिग्री होती है इसके अलावा एक निश्चित स्थान पर मुकदमों की सुनवाई करता है यानी वह जिला कोर्ट हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट का लाइसेंस रखता है । और वकालत करता है। एडवोकेट कहलाता है। 


सभी एडवोकेट एक वकील हो सकते हैं लेकिन सभी वकील एक एडवोकेट नहीं होते है । 


आज के इस पोस्ट में बस इतना ही उम्मीद करता हूं कि आज के हमारा क्या पोस्ट आपको बेहद पसंद आया होगा । इस पोस्ट में हमने वकील ( Lawyer ) कैसे बनें? ( Advocate kaise bane ? ) के बारे में विस्तार से जाना है। यदि अभी भी आपके मन में कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं हम आपके कमेंट का उत्तर अवश्य देंगे।


धन्यवाद 

जय हिंद वंदे मातरम्


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