CA कैसे बने ? ( How to become a CA )

आप लोगो ने अपने जीवन में कभी न कभी CA का नाम अवश्य सुना होगा । यदि नहीं सुना है तो इस पोस्ट में आप लोगों को सब कुछ जानने को मिलेगा। आज ने इस समय मेे किसी बड़ी कंपनी से लेकर एक छोटी कंपनी तक सभी प्रकार के टैक्स की गणना , बलैंस शीट, प्रॉफिट मार्जिन , आदि प्रकार के कार्यों के लिए CA का मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । 

तो इस लिए आज के इस पोस्ट मेे हम जानेंगे कि CA क्या होता है? CA के कार्य क्या होते है? CA बनने के लिए योग्यताएं क्या होनी चाहिए? CA कैसे बनें ? CA का सैलरी कितना मिलता है ? इन सभी के बारे में हम जानेंगे।



CA क्या होता है 

सीए(CA) का पूरा नाम चार्टर्ड अकाउंटेंट होता है। काउंटिंग के क्षेत्र में सबसे प्रमुख कोर्स चार्टर्ड अकाउंटेंट का होता है यह कोर्स कुल 5 वर्षों का होता है इस कोर्स को करने के बाद आवेदक बड़ी से बड़ी कंपनी में सीए के पद पर जॉब पा सकते हैं। आज के इस समय में सीए की मांग केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है छोटी सी लेकर बड़ी सभी प्रकार की कंपनियां अपने यहां विभिन्न प्रकार के टैक्स , एकाउंटिंग आदि के लिए सीए को हायर करते हैं।

सीए( CA) के प्रमुख कार्य

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट(CA) के निम्नलिखित कार्य होते हैं-

कंपनी के अकाउंट संबंधी लेखा-जोखा रखना।
कंपनी या बिजनेस की फाइनेंसियल स्टेटमेंट तैयार करना है।
कंपनी या बिजनेस के विभिन्न प्रकार के टैक्स की गणना करना।
कंपनी या बिजनेस में होने वाले सभी प्रकार के टर्न ओवर का गणितीय लेखा-जोखा तैयार करना।

सीए(CA) बनने के लिए योग्यताएं

भारत में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट(CA) बनने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए।

  • आवेदक 12 वीं पास होना अनिवार्य है।
  • यदि आवेदक ग्रेजुएशन कर चुका है तो भी वह आवेदन कर सकता है।
  • सीए बनने के लिए कोई निर्धारित आयु सीमा नहीं है।

सीए(CA) कैसे बनें

भारत में सीए(CA) बनने के लिए आवेदक  निम्नलिखित चरणों से गुजरना पड़ता है।

प्रथम चरण (CPC test)

सीए (CA) बनने के पहले चरण में आवेदक को सीपीसी टेस्ट देना  होता है। इसका पूरा नाम कॉमन एफिशिएंसी टेस्ट होता है। इसे फाउंडेशन कोर्स भी कहते हैं। यदि आवेदक ग्रेजुएशन कर चुका है तो वह इस चरण को न देकर अगले चरण के लिए योग्य होता है। इस चरण में में कुल 4 पेपर देने होते हैं। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। इन चारों पेपरों का नाम निम्नलिखित है-

1. Principle and practice of accounting

2. A) business law (40Q)
2. B) business correspondence and reporting (60Q)

3. A) business mathematics and logical reasoning (60Q)
3.  B) statistics (40Q)

4.  A) business economy (60Q)
4.   B) business and commercial knowledge(40Q)

यह परीक्षा कुल 400 अंकों का होता है और जिस में 400 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा में 4 सब्जेक्ट से ही प्रश्न आते हैं तथा प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होता है प्रथम पेपर को छोड़कर बाकी सभी पेपरों में 2 सेक्शन ( section A , B)  से से प्रश्न आते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 काट लिए जाते हैं।

इस परीक्षा में प्रत्येक पेपर मेे कम से कम 40% अंक आने चाहिए। और कुल 4 पेपर को मिलाकर आवेदक का परिणाम 50 % आना चाहिए।

दूसरा चरण (IPCC )
सीए(CA)  लिए दूसरे चरण में आवेदक को आईपीसीसी टेस्ट (IPCC exam) से गुजरना पड़ता है इसका पूरा नाम इंटीग्रेटेड प्रोफेशन कैपिटांसी कोर्स( integrated profession competancy course) होता है। इसे इंटरमीडिएट कोर्स के नाम से भी जानते हैं। यह एग्जाम कुल 2 ग्रुप में बटा होता है। पहले ग्रुप में 4 पेपर होते हैं तथा दूसरे ग्रुप में 3 पेपर होते हैं।

ग्रुप 'ए'
1.Accounting
2. A) Computer law
    B) Other law
3.  Cast and management accounting
4. A) Income tax law
     B Indirect tax law
इस ग्रुप में प्रत्येक पेपर 100 अंको का होता है। जिन पेपरों को सेक्शन वाइज बांटा गया है उनमें से प्रथम A वाले से 60 अंक तथा दूसरे B से 40 अंक के प्रश्न आते हैं अर्थात  प्रत्येक पेपर  100 अंक के होते हैं।

ग्रुप 'B'
इस ग्रुप में कुल 3 पेपर होता है। प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होता है। ये पेपर निम्न है -

1.Advance accounting ( 100 mark )
2.Auditing and assurance ( 100 mark )
3.Enterprise information and stategic management ( 100 mark )

तीसरा चरण ( Articalship and training)

CA बनने के चरण  में आवेदक को उपरोक्त दो चरण के परीक्षा देने के बाद आवेदक को तीन वर्ष का ट्रेनिंग दिया जाता है । जिसमे सभी विषय पढ़ाया जाता है । जिसे आपने चुना है । इस तरह से तीन साल पढ़ाई करने के बाद आवेदक का अंतिम चरण के लिए परीक्षा होता है । 

चौथा चरण ( अंतिम एग्जाम )
सीए
(CA) बनने के अंतिम चरण में आवेदक को कुल आर्ट पेपर देना होता है जिनमें भी कई सेक्शन बटें होते है । यह एग्जाम भी दो ग्रुप मेे बांटा गया है ।

ग्रुप ए

Financial reporting ( 100 mark )
strategic financial management ( 100 mark )
advanced auditing and profession ethics ( 100 mark )
Corporate and economics laws ( 100 mark ) 

ग्रुप बी

5. strategic cost management and performance evaluation ( 100 mark )
6. elective paper ( 100 mark )

इस पेपर में आवेदक को निम्न 6 सब्जेक्ट में से किसी एक सब्जेक्ट को चुनकर पेपर देना होता है ।
a) risk management
b) financial service in the capital market
c) international taxation
d) economics law
e) global finance reporting standard
f) Multi-disciplinary case study

7. Direct tax law and international taxation ( 100mark)
8. Indirect taxes law ( 100mark)

फीस कितनी लगती है

सीए बनने के लिए हमने देखा की कितनी सारी पेपर से  गुजरना पड़ता है । अब जानते है कि एक सीए बनने मेे कुल कितना पैसे लग जाते है ।

1. Cost of prospecthe      200₹
2. For foundation course   9000₹
3. For intermediate course  10,000

सीए बनने के चरण में कुल तीन तरह के फीस लगता है । पहला 200 रुपए cost of prospected  का लगता है।
उसके बाद सीपीसी एग्जाम के लिए 9000₹ लगता है । और अंतिम इंटरमीडिएट कोर्स के कुएं 10,000₹ लगता है । अर्थात यह कहे की कुल इसके लिए 20000₹ से अधिक खर्च लगता है ।

सैलरी एक सीए (CA) की

जब एक आवेदक सीए बन जाते है । तो उनके लिए सैलरी बहुत अच्छी मिलता है । भारत में इनकी सैलरी 30000₹ से शुरू होता है । और एक अच्छे सीए की सैलरी लाखो तक होती है । भारत में ही नहीं बल्कि विदेश मेे इनको सैलरी लाखो से कम नहीं होता है ।

आज के इस पोस्ट में बस इतना ही उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी यदि अब भी आपके मन में जज बनने के संबंध में कोई प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं हम आपके प्रश्न का उत्तर अवश्य देंगे।

धन्यवाद
जय हिंद वंदे मातरम

















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